कालबेलिया 2 एक प्रसिद्ध घुमंतू जनजाति है, जो मुख्यतः राजस्थान के अजमेर, पाली, नागौर,
चित्तौड़गढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में पाई जाती है। इनका जीवन
परंपरागत रूप से भ्रमणशील रहा है तथा ये अस्थायी डेरों में निवास करते हैं।
कालबेलिया 2 जनजाति की संस्कृति लोकनृत्य, लोकसंगीत और सर्प-पूजा से गहराई से जुड़ी हुई है, जिसमें
कालबेलिया 2 नृत्य विश्वविख्यात है। इनका रहन-सहन सादा, सामूहिक तथा प्रकृति के अनुकूल
होता है।
पारंपरिक रूप से इनका प्रमुख व्यवसाय साँप पकड़ना, सपेरा विद्या, लोकनृत्य-संगीत तथा पशु-चिकित्सा से
संबंधित रहा है। पहनावे में पुरुष सामान्यतः धोती-कुर्ता धारण करते हैं, जबकि महिलाएँ काले रंग की
घेरदार लहंगा-ओढ़नी तथा चाँदी के आभूषण पहनती हैं, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक है।
यह त्रिभाषीय टॉकिंग डिक्शनरी कालबेलिया 2 भाषा के शब्दों को हिंदी और अंग्रेज़ी अर्थों
के साथ प्रस्तुत करती है। प्रत्येक शब्द का आईपीए (IPA) उच्चारण भी उपलब्ध है, जिससे
भाषा के सही ध्वनि स्वरूप को समझा जा सके।
यह एक टॉकिंग डिक्शनरी है, जिसमें कालबेलिया 2 समुदाय के वक्ताओं द्वारा शब्दों का
प्रामाणिक उच्चारण सुनने की सुविधा उपलब्ध है। उदाहरण वाक्यों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि
शब्दों का दैनिक जीवन और बातचीत में व्यावहारिक उपयोग कैसे होता है।
इस परियोजना में दो अलग-अलग शब्दकोश संकलित किए गए हैं, जो कालबेलिया 2 भाषा के दो क्षेत्रों से लिए गए
हैं। पहली टॉकिंग डिक्शनरी छिंदवाड़ा के हर्रई क्षेत्र से और दूसरी
सिंगापुरा–ग्वालियर क्षेत्र से संबंधित है। ये दोनों शब्दकोश भाषिक अंतर और क्षेत्रीय
विविधताओं को दर्शाते हैं।
पहली टॉकिंग डिक्शनरी में कुल 1376 शब्द और 47 वाक्य-प्रयोग संकलित
हैं, जबकि दूसरी टॉकिंग डिक्शनरी में 1385 शब्द और
68 वाक्य-प्रयोग सम्मिलित हैं। इस कोश में कालबेलिया 2 समाज की दैनिक जीवन-प्रणाली,
रीति-रिवाज, संस्कार, आजीविका तथा न्याय-पंचायत से संबंधित शब्दावली को भी शामिल किया गया है।
निर्माण सहयोग
दिशा निर्देशन: डॉ. कविता रस्तोगी, लखनऊ
भाषाविशेषज्ञ: रूबी सिंह, लखनऊ
अध्येता:
- डॉ. योग्यता भार्गव, अशोकनगर
- डॉ. संगीता सिंह, ग्वालियर
- डॉ. विजय कालमधर, छिंदवाड़ा
सूचक
- रजनी सपेरा, जारगा, जिला ग्वालियर
- ममता सपेरा, जारगा, जिला ग्वालियर
- सुनील सपेरा, जारगा, ग्वालियर
- जितेंद्र सपेरा, जारगा, ग्वालियर
- कमला अम्मा, जारगा, ग्वालियर
- हिना, जारगा, ग्वालियर
- भैरोसिंह नाथजोगी, हर्रई, जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.)
- पार्वती नाथजोगी, हर्रई, जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.)
- जसवंत सपेरा, चिरौला, अशोकनगर (म.प्र.)
- महेंद्र सपेरा, चिरौला, अशोकनगर (म.प्र.)
- अजीत सपेरा, चिरौला, अशोकनगर (म.प्र.)